भोपालपटनम में अंधेरे का साया: स्ट्रीट लाइटों की बंदी से ग्रामीण बेहाल, असुरक्षा का माहौल

मुर्गेश शेट्टी,बीजापुर 16 जुलाई | जिले के भोपालपटनम नगर पंचायत क्षेत्र में इन दिनों अंधेरे का साया मंडरा रहा है। नगर के विभिन्न प्रमुख इलाकों में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रात के समय भारी असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख मार्गों पर अंधेरा पसरा

स्थानीय नागरिकों की मानें तो फॉरेस्ट नाका से बीटीआई चौक और हनुमान चौक से चिकुटपल्ली अस्पताल रोड तक, कई स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। हनुमान चौक से चिकुटपल्ली अस्पताल तक का रास्ता, जिसकी लंबाई लगभग 2 से 2.5 किलोमीटर है, घने जंगल क्षेत्र से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर लाइटों की अनुपस्थिति रात में इसे पूरी तरह अंधकारमय बना देती है।नगर पंचायत क्षेत्र में आधा से ज्यादा स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है।

रात में मरीजों को झेलनी पड़ती है दोहरी मुसीबत

इस मार्ग पर न तो कोई ऑटो सुविधा उपलब्ध है और न ही कोई सार्वजनिक परिवहन। जिन लोगों के पास निजी वाहन हैं, वे तो किसी तरह अस्पताल पहुंच जाते हैं, परंतु जिनके पास साधन नहीं है, उन्हें अंधेरे में पैदल चलना पड़ता है। यह स्थिति विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए अत्यंत असुरक्षित हो जाती है।

हर वार्ड में हालात एक जैसे

मीडिया कर्मी द्वारा शाम 7:00 से 8:00 बजे के बीच नगर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि लगभग सभी वार्डों में यही स्थिति बनी हुई है। कॉलेज रोड सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर भी अंधेरा छाया हुआ है। नगर पंचायत के पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को हल करने में अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं कर पाए हैं।

जनता ने उठाई आवाज

स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें शीघ्र चालू किया जाए। लोगों का कहना है कि भोपालपटनम जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। मगर जनता की शिकायतों के बाद भी नगर पंचायत सीएमओ ने कोई भी आवश्यक कदम इस दिशा में नहीं उठाया है।

जनहित में प्रशासन से अपील

भोपालपटनम की जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि नगर की सभी स्ट्रीट लाइटें जल्द से जल्द चालू की जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके और रात्रि में आवागमन सुरक्षित हो सके।

“हमारे वार्ड में कई महीनों से लाइटें बंद हैं, कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। रात को बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है।”– स्थानीय ग्रामीण 

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