बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने सिपाही भर्ती पेपर लीक में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक का मास्टरमाइंड भी नालंदा के नगरनौसा निवासी संजीव मुखिया उर्फ लूटन की है। एक अक्टूबर, 2023 को कांस्टेबल भर्ती परीक्षा प्रश्न पत्र लीक हुआ था। दो दिन पहले ईओयू को इस केस में बड़ी लीड मिली थी। इसके बाद टीम ने छापेमारी कर पश्चिम बंगाल के तीन लोगों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना निवासी कौशिक कुमार कर, संजय दास, कोलकाता निवासी सुमन विश्वास और उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी सौरभ बंधोपाध्याय शामिल हैं।
इससे पहले, 5 जून को, ईओयू ने बिहार के सभी निवासियों और अंतरराज्यीय संजीव मुखिया गिरोह के कथित सदस्यों अश्विनी रंजन, विक्की कुमार और अनिकेत को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।नीट यूजी, बीपीएससी टीआरई 3 पेपर लीक मामले में मुखिया गिरोह के कई सदस्यों को बिहार पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। ईओयू ने अब तक विभिन्न जिलों में कुल 74 एफआईआर दर्ज की हैं और विभिन्न प्रश्न पत्र लीक मामलों में 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। ईओयू के एक बयान के अनुसार, कौशिक कुमार कर की कोलकाता स्थित फर्म, कैल्टेक्स मल्टीवेंचर प्राइवेट लिमिटेड को बिहार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र मुद्रित करने और आपूर्ति करने का ठेका दिया गया था। कैल्टेक्स मल्टीवेंचर प्राइवेट लिमिटेड एक कमरे वाली शेल फर्म थी जिसमें कोई कर्मचारी नहीं था, और प्रश्न पत्रों की छपाई और आपूर्ति ब्लेसिंग सिक्योर्ड प्रेस प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स की गई थी। इसमें कौशिक कुमार कर की पत्नी निदेशक थीं।
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