नई दिल्ली। एक लाइलाज बिमारी से पीड़ित इंसान के बारे में हम सोचेंगे कि वह बिस्तर पर या तो सोया रहे या फिर निराशा और जिंदगी जीने की इच्छा को खो दे। अमूमन लोग ऐसा ही करते हैं जब उन्हें लगता है कि मौत करीब है वह और भी मरने लगते हैं और मौत आने से पहले ही काफी हद तक मर चुके होते हैं। कैंसर एक दर्दनाक बीमारी है, जिसका सामना करना आसान नहीं होता।नीति आयोग की डायरेक्टर उर्वशी प्रसाद इस बीमारी से पीड़ित है लेकिन यह बिमारी उनका हौसला नहीं तोड़ पाया। नीति आयोग की निदेशक उर्वशी प्रसाद ने सोशल मिडिया एक्स पर लाइलाज कैंसर के चौथे स्टेज के साथ जीने की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने अपना जन्मदिन मनाने के लिए यह पोस्ट शेयर की। उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए यह खास दिन कैंसर को मात देने वाले लोगों के बीच इस कठिन दौर से बाहर आने के उत्सव का भी प्रतीक है।उन्होंने पोस्ट में लिखा, "स्टेज 4 कैंसर के साथ जीना, जन्मदिन पर यह विशेष महत्व रखता है। रूढ़िवादिता के बावजूद मैं अपेक्षाओं को चुनौती देती हूं और बाधाओं को पार करते हुए अपनी यात्रा को शालीनता और साहस के साथ अपनाती हूं। कल न केवल मेरा जन्मदिन था, बल्कि कैंसर से बचे सभी लोगों के बीच उनको मिले नए जीवन का जश्न मनाने का दिन भी था। बाधाओं को तोड़ने और खुशी, स्वास्थ्य और संतुष्टि को अपनाने के एक और साल। उन्होंने अपनी पोस्ट को तीन तस्वीरों के साथ समाप्त किया।
The Noble Indian Latest & Breaking News Updates In Hindi