बेगूसराय । अफ्रीका में बंधक बने बिहार, यूपी और हिमाचल प्रदेश के 20 में से 19 भारतीय की वापसी हो गई है। यह जानकारी वतन वापसी में मदद करने वाले ह्युमन राइट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन (एचआरयूएफ) के फाउंडर चेयरमैन और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता विशाल रंजन दफ्तुआर ने दी।
उन्होंने कहा कि एक-दूसरे देश में जब आप भारत सरकार के मानक गाइडलाइंस का पालन किए बिना जाते हैं और फिर फंस जाते हैं तो स्थिति खराब हो जाती है। यदि इथोपिया में कोई केस हो जाता तो वतन वापसी बेहद मुश्किल होती है। इनको इथोपिया ले जाने वाले एजेंट पर भी कड़ी कार्रवाई और इनसे जुड़ी अन्य मुद्दों पर भी उचित एक्शन का प्रयास होगा। काम करने गए कुछ भारतीय श्रमिक वहां नेतागिरी करके माहौल को खराब कर रहे थे। इससे वतन वापसी की राह में बाधा उत्पन्न हो रही थी। सोशल मीडिया पर इथोपियन कंपनी इशू ग्लेन का नाम इससे बदनाम हो रहा था। इस आधार पर कंपनी इन पर केस करके एक लंबे समय तक इथोपिया की जेल में बंद करवा सकती थी। ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो इसके लिए विशेष प्रयास करने पड़े। सभी भारतीय श्रमिकों को उक्त कंपनी से माफी भी मांगनी पड़ी।
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