नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल में ही एक राष्ट्र, एक चुनाव को लागू करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के मौके पर शाह ने कहा कि हमारी योजना इस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही एक राष्ट्र, एक चुनाव की व्यवस्था लागू करने की है।
इस मौके पर शाह के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने एक राष्ट्र, एक चुनाव की जोरदार वकालत कर कहा था कि बार-बार चुनाव होने से देश की प्रगति में बाधा उत्पन्न होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा था, देश को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के लिए आगे आना होगा। एक राष्ट्र, एक चुनाव बीजेपी द्वारा लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित एक उच्च स्तरीय समिति ने इस साल मार्च में पहले कदम के रूप में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की थी। समिति ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाने की भी सिफारिश की।
इसके अलावा, विधि आयोग द्वारा सरकार के सभी तीन स्तरों लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों जैसे नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए 2029 से एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की संभावना है। वह त्रिशंकु सदन या अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में एकता सरकार का प्रावधान करने की सिफारिश भी कर सकता है।
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