उत्तर बस्तर कांकेर। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (कोटपा) एक्ट 2003 हेतु गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आज कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक स्थलों एवं स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को तम्बाकू, गुटखा जैसे विभिन्न प्रकार के व्यसनों से दूर रहने विशेष तौर पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन नशों के दुष्प्रभाव में आकर युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य भटक जाती है, इसलिए तम्बाकू, गुटखा आदि के सेवन से उन्हें दूर रखें।
आज दोपहर को समय-सीमा बैठक के उपरांत कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने तम्बाकू नियंत्रण के लिए लागू किए गए प्रभावी कानूनों का पालन कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के समीप तम्बाकू एवं तम्बाकूयुक्त उत्पादों को प्रतिबंधित करते हुए उक्त अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही करने तथा इसके लिए प्रत्येक संस्था में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले में चिन्हांकित 10 ग्राम पंचायतों को धूम्रपान मुक्त कराए जाने हेतु कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में इसके नोडल अधिकारी डॉ. विनोद वैद्य के द्वारा कोटपा अधिनियम की जानकारी दी गई। इस अवसर पर डीएफओ डी.पी. साहू, हेमचंद पहारे, अपर कलेक्टर बी.एस.उईके एवं जितेन्द्र कुमार कुर्रे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश शांडिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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