पटना: तीन दिन पहले बेखौफ अपराधियों ने बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के गेट पर एक एंबुलेंस चालक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के डोगरी निवासी जवाहर दास के पुत्र विनय कुमार दास के रूप में की गई है। विनय कुमार दास वर्तमान में पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में रहते थे। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हत्या करने के बाद पहुंच गए बंगाल
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में जगनपुरा निवासी मोनू, मैन पूरा निवासी अमन और भोजपुर जिला के मुख्यालय स्थित मिल्की मोहल्ला निवासी राजेश उर्फ़ चौसा, दार्जिलिंग निवासी निखिल गुप्ता सहित पांच अपराधी शामिल हैं। निखिल के पास से पुलिस ने हथियार और बाइक बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि हत्या की घटना के बाद के बाद सभी अपराधी बंगाल के सिमराज भाग गए। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी मोनू के पिता जो रेलवे कर्मी हैं, उन्ही के सरकारी क्वार्टर में छिपे हुए थे। घटना के बाद उन आरोपियों ने वहां शराब पार्टी की। पुलिस लगातार सभी आरोपियों का मोबाइल सर्विलांस पर रखी हुई थी, जिसके बाद सभी की गिरफ्तारी हुई।
इस वजह से हुई थी हत्या
घटना के कारण के संबंध में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पीएमसीएच में रात्रि में एम्बुलेंस चलाने को लेकर हत्या हुई थी। डेड बॉडी को ले जाना है तो दिन का अलग रेट होता है और अगर रात में ले जाना है तो 3 गुना रेट हो जाता है। इसी को लेकर दस दिन पहले मोनू कुमार और विनय दास के बीच रात में एंबुलेंस नहीं चलाने को लेकर विवाद हुआ था। घटना के दिन आरोपियों ने पहले शराब पी। गुरुवार की शाम करीब 9:30 बजे विनय दास पीएमसीएच के मरीन ड्राइव के पास अपने एंबुलेंस में बैठे हुए थे। तभी आरोपी वहां पहुंचे और विनय दास से गाली गलौज करने लगे। धीरे-धीरे बात बढ़ने लगी और दोनों के बीच मारपीट होने लगी। जब विनय अपने आप को बचाने के लिए भागने लगा तब आरोपियों ने विनय कुमार को गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई।
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