नई दिल्ली । प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति परिवार किर्लोस्कर समूह ने अपने 130 साल और तेजी से चल रहे विवाद को एक नया मोड़ देते हुए प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के समक्ष एक अपील दायर की है। चार मुख्य कंपनियों की तरफ से यह अपील दर्ज की गई है- किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, किर्लोस्कर न्यूमेटिक कंपनी लिमिटेड, और किर्लोस्कर ऑयल इंजन लिमिटेड। इन कंपनियों ने साझेदारी अनुबंध (डीएफएस) के खुलासे का खिलाफ खुलकर सामना किया है और सेबी के उन्हें पेश होने की मांग के खिलाफ अपील की है। इस मामले में परिवार के उभरते विवाद का भी जिक्र किया गया है जिसमें किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय किर्लोस्कर और अतुल किर्लोस्कर एवं राहुल किर्लोस्कर के बीच डीएफएस को लेकर विवाद था। कंपनियों ने डीएफएस के बाध्यता और उन पर एकाधिकार का आरोप लगाया है तथा उन्हें सलाह दी है कि सेबी को पीढ़ीबद्धता के नियम और पारिवारिक समझौतों की जानकारी के लिए उनकी व्यक्तिगत क्षमता में आयी परिवर्तनों से सूचित करें। इन संघर्षों और अपीलों में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के भूमिका हो सकती है सामने आने वाले परिवर्तनों में महत्वपूर्ण। इसमें सेबी की भूमिका विशेष महत्व रखती है जिसने इन अपीलों के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अवसर पाए। वहीं, प्रतिभूति की भूमिका भी विवादों के सुलझाव में महत्वपूर्ण हो सकती है।
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