नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें उन्होंने खाताधारकों को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी ग्राहक के खाते से अनधिकृत और धोखाधड़ी वाला ऑनलाइन लेनदेन होता है, तो उसे तीन दिनों के भीतर रिजर्व बैंक को शिकायत दर्ज करानी होगी। इस मामले में बैंक को ग्राहक को नुकसान की राशि की भरपाई करनी होगी। इस फैसले से ग्राहकों को सुरक्षा और विश्वास भी मिलेगा। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि बैंकों को धोखाधड़ी वाले लेन-देन का पता लगाने और रोकने के लिए तकनीकों का सही उपयोग करना चाहिए। यह फैसला न केवल ग्राहकों को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि बैंकों को भी उनकी सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए मजबूर करेगा। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और किसी के साथ ओटीपी साझा न करें। इस फैसले के तहत भारतीय स्टेट बैंक को एक ग्राहक को 94,204 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। यह मामला 18 अक्टूबर 2021 को हुए एक अनधिकृत लेन-देन के मामले से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है और एसबीआई की याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह फैसला ग्राहकों को समय पर शिकायत दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और बैंकों को उनकी सुरक्षा प्रणालियों को मेहराबान करेगा। ग्राहकों को अब यह आशा है कि उनकी शिकायतों की ठीक कार्रवाई की जाएगी और उनके नुकसान की पूर्ति होगी।
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