गौरेला पेण्ड्रा मरवाही।
मरवाही वनमंडल के गंगनई नेचर कैंप सालेकोटा के जंगलों में शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में फंसने से एक वयस्क मादा भालू की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि, उसके एक शावक का समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया। इस घटना के सामने आने के बाद वन अमले ने कार्रवाई करते हुए चार शिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तार, रस्सी, और जाल लगाने के अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
बता दें कि गंगनई नेचर कैंप सालेकोटा के जंगल में मादा भालू के चीखने की आवाजें लगातार सुनाई दे रही थीं। जंगली क्षेत्र और भालुओं की मौजूदगी के कारण वहां जाने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा था। स्थानीय समिति के युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए पास जाकर देखा तो पाया कि मादा भालू शिकारी के जाल में फंसी हुई थी। उन्होंने मौके पर मौजूद 8 महीने के नर शावक को सुरक्षित बचा लिया। माना जा रहा है कि यह शावक मादा भालू का बच्चा था। हालांकि, मादा भालू को समय पर जाल से नहीं निकाला जा सका, जिससे उसकी दम घुटने से मौत हो गई। मरवाही वनमंडल के डीएफओ रौनक गोयल ने बताया कि लगभग 8 से 9 साल की इस मादा भालू की मौत का कारण क्लच वायर से फंसने के चलते दम घुटना था। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने डॉग स्क्वायड की मदद से मामले की जांच शुरू की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने क्षेत्र में जाल लगाने की बात स्वीकार की। सभी आरोपी स्थानीय निवासी हैं। इनके पास से तार, रस्सी और अन्य शिकार के उपकरण बरामद किए गए हैं। नियमानुसार इनके खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
पोस्टमार्टम के बाद किया गया मादा भालू का दाह संस्कार
मादा भालू के शव का पोस्टमार्टम कर दाह संस्कार कर दिया गया है। वहीं, नर शावक को जंगल में वापस छोड़ दिया गया है। वन विभाग ने क्षेत्र में शिकार जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। यह घटना वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और स्थानीय जागरूकता की कमी को दर्शाती है। वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से जंगल में शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।
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