
रायपुर/ ये तस्वीर राजधानी से करीब 35 किलोमीटर दूर आरंग के चपरीद गांव की है। गांव के मुहाने पर करीब 5 एकड़ में पिछले साल ही 40 लाख रुपए खर्च कर 2 हजार पौधे लगाए गए थे। पौधरोपण के साथ ही इसकी सुरक्षा के लिए बांस का घेरा लगाया गया। सुरक्षा घेरा तो खड़ा है लेकिन भीतर पौधे जलकर सूख गए, क्योंकि ना कभी पानी दिया गया ना देख-रेख की गई।
यही हाल पूरे प्रदेश में चलाए गए पौधारोपण अभियान का है। भास्कर ने आरटीआई के माध्यम से पिछले छह साल के दौरान पौधरोपण में किए गए खर्च का ब्योरा निकालने के साथ ये जानकारी निकाली कि कहां कहां पौधरोपण सफल हुआ और कहां-कहां फेल। इस दौरान खुलासा हुआ कि पौधरोपण के अभियान में छह साल में 700 करोड़ रुपए खर्च किए गए। करोड़ों खर्च करने के बाद भी पूरे प्रदेश में पौधरोपण फेल हो गया।
The Noble Indian Latest & Breaking News Updates In Hindi