रायपुर: बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बस्तर विकासखंड की चार ग्राम पंचायतों—खण्डसरा, पखनाकोंगेरा, कोटगढ़ और तुरपुरा-1 में कुल 11 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में सिंचाई, जलसंसाधन, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी योजनाएँ शामिल हैं, जो आने वाले समय में ग्रामीण जीवन को नई दिशा प्रदान करेंगी।
जलसंसाधन, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं का हो रहा है विकास
मंत्री श्री कश्यप ने खण्डसरा ग्राम पंचायत में कोटगढ़ नाला पर एनिकट निर्माण और ग्रामीण जलापूर्ति सुधार योजना का भूमिपूजन किया, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 298.50 लाख रुपए है। इसी प्रकार पखनाकोंगेरा में मावली माता मंदिर के पास एनिकट निर्माण तथा जल संरक्षण संबंधी कार्यों की आधारशिला रखी गई, जिनकी लागत लगभग 298.71 लाख रुपए निर्धारित की गई है। कोटगढ़ ग्राम पंचायत में राजेपारा मार्ग एवं नाली निर्माण कार्यों के साथ-साथ जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण की योजनाओं का शुभारंभ हुआ, जबकि तुरपुरा-1 में हाई स्कूल के सामने पुलिया निर्माण और तालाब गहरीकरण जैसे कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जिनकी कुल लागत लगभग 5.30 लाख रुपए है।

प्रगति की नई पहचान बना बस्तर
वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि ये योजनाएँ न केवल ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करेंगी, बल्कि कृषि, रोजगार और जल संरक्षण को भी नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रगति की नई पहचान बन चुका है। सरकार का उद्देश्य हर गाँव तक विकास की रोशनी पहुँचाना है ताकि कोई भी क्षेत्र पिछड़ा न रह जाए।
जनता स्वयं इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी उठाएं
श्री कश्यप ने ग्रामीणों से इन विकास कार्यों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि जब जनता स्वयं इन योजनाओं की जिम्मेदारी उठाएगी, तभी विकास का सच्चा उद्देश्य पूरा होगा। इस अवसर पर जनपद पंचायत बस्तर के अध्यक्ष श्री संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य श्री निर्देश दीवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
The Noble Indian Latest & Breaking News Updates In Hindi