रायपुर: वन विकास निगम, जगदलपुर द्वारा 11 फरवरी को कोंडागांव एवं फरसगांव क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में क्षेत्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य वन अग्नि से बचाव, सुरक्षा उपायों की जानकारी तथा आग लगने की स्थिति में त्वरित और सही कार्रवाई के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
अधिकारियों ने बताया कि वन में आग लगने के प्रमुख कारणों में जलती हुई बीड़ी-सिगरेट को लापरवाही से फेंक देना, तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान वृक्षों के नीचे आग लगाकर छोड़ देना तथा अन्य मानवीय असावधानियां शामिल हैं। इन घटनाओं को रोकने के प्रभावी उपायों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान कंट्रोल्ड बर्निंग (नियंत्रित आग) का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही ब्लोअर मशीन के माध्यम से फायर लाइन कटाई का अभ्यास भी कराया गया, ताकि कर्मचारी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते उचित कदम उठाने से बड़ी वन अग्नि घटनाओं को रोका जा सकता है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम गांवों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। वन विकास निगम के अधिकारियों ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही।
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