रायपुर: जिला मुख्यालय गरियाबंद के निकटस्थ ग्राम सढ़ौली की महिला कृषक श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर ने अपने नवाचार और परिश्रम के बल से एक अद्भुत मिशाल पेश की है। लक्ष्मी को पहले परंपरागत खेती पर निर्भर रहने के कारण अधिक मेहनत करने पर भी उन्हें अपने मेहनत के अनुरूप आय नहीं मिल पाती थी। लेकिन मत्स्य विभाग के अधिकारियों के संपर्क एवं मार्गदर्शन करने से उनका ध्यान मछली पालन की ओर बढ़ा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021-22 में उन्होंने अपनी 0.94 हेक्टेयर निजी भूमि में तालाब का निर्माण कराया और उसमें मिश्रित मेजर कार्प के साथ पंगेशियस एवं रूपचंद मछली पालना शुरू किया। आज उनकों प्रति वर्ष लगभग तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है।
श्रीमती ठाकुर ने केवल मछली पालन तक ही सीमित न रहते हुए बाद में एकीकृत मछली पालन मॉडल भी अपनाया है। उन्होंने अपने तालाब के मेढ़ों पर पपीता, आम, नींबू, करौंदा, चीकू, मुनगा और नारियल जैसी उद्यानिकी फसलें लगाई हैं। साथ ही गाय और सुकर पालन से भी वे अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रही हैं। विभाग के निरंतर मार्गदर्शन में कार्य करते हुए आज श्रीमती ठाकुर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और गांव के अन्य किसानों, महिला कृषकों के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।
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